........................................................................................................ अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें। साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। धर्म ज्ञाननवरात्रि स्पेशलछठ पूजा विशेषमुहूर्त एवं तिथिपितृपक्षमहाकुंभश्रावण विशेष जब ऐसा हो जाता है तो कहते हैं कि मंत्र सिद्ध हो गया। ऐसा मंत्र को लगातार जपते रहने से https://cruzbhbrf.blog-eye.com/39819486/new-step-by-step-map-for-niyam-todna-brahmacharya